अमिताभ बच्चन राज्य सरकारों के पर्यटन के प्रचार प्रसार संबंधी कार्यक्रमो में योगदान देने के एवज में कोई पारिश्रमिक नहीं लेते। उन्होंने अपने ब्लाग में लिखा है कि इस काम के लिए पारिश्रमिक लेने की बात मेरे मन में कभी नहीं आई। मैं यह काम इसलिए करता हूं क्योंकि मैं अपने देश से प्यार करता हूं। बिग बी ने लिखा है कि प्रचार-प्रसार के लिए राज्य सरकारों से आमंत्रण मिलने पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। यह धारणा गलत है कि इसके एवज में कभी धन लिया। बिग बी के अनुसार, ऐसा नहीं है कि पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए वह केवल आज ही काम कर रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश में ग्वालियर का किला, आंध्रप्रदेश का गोलकुंडा किला, तिरुपति किला, खजुराहो के मंदिर, जयपुर का अंबर किला, सिख संग्रहालय और पिछले माह पंजाब के जलियांवाला बाग के लिए कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी आवाज दी है। अमिताभ ने लिखा है कि इन कामों के लिए जानी-मानी हस्तियों ने अनुरोध किया था। दिवंगत माधव राव सिंधिया जब केंद्र सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने ग्वालियर के किले पर बने कार्यक्रम में सहयोग मांगा था। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अंबर के किले पर मनाए गए कार्यक्रम के लिए बिग बी से सहयोग की अपेक्षा जताई थी।
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